2027 वर्ल्ड कप पर नजर
मुख्य चयनकर्ता हबीबुल बशर के अनुसार, बोर्ड चाहता है कि 39 वर्षीय शाकिब अल हसन कम से कम अगले दो साल और खेलें। बशर ने स्पष्ट किया कि उनकी योजना शाकिब को 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक टीम का हिस्सा बनाए रखने की है। उन्होंने कहा, "शाकिब निश्चित रूप से हमारी योजनाओं में हैं। अगर हमें उनकी सेवाएं मिलती हैं, तो हम चाहेंगे कि वे लंबे समय तक टीम के साथ रहें।"
न्यूजीलैंड सीरीज में वापसी मुश्किल
हालांकि शाकिब की वापसी की चर्चा जोरों पर है, लेकिन 17 अप्रैल से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रही घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज में उनके खेलने की संभावना कम है। बशर ने इसके पीछे 'तैयारी की कमी' का हवाला दिया है। उन्होंने कहा, "शाकिब ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं जो कल आएं और परसों मैच खेल लें। उन्हें भी तैयारी की जरूरत है। यह भावनाओं का विषय नहीं है, बल्कि सही तैयारी का है।"
राजनीतिक निर्वासन और वापसी की चुनौती
याद दिला दें कि 2024 में अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद शाकिब अमेरिका चले गए थे। तत्कालीन अंतरिम सरकार ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन अब, बांग्लादेश में नई सरकार के गठन और क्रिकेट बोर्ड में हुए प्रशासनिक बदलावों के बाद, शाकिब के लिए दरवाजे फिर से खुल गए हैं।
शाकिब ने पहले अपनी अंतिम टेस्ट सीरीज घर में खेलने की इच्छा जताई थी, लेकिन अब बोर्ड उन्हें सिर्फ विदाई मैच नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देख रहा है।
जनदृष्टि विश्लेषण: क्या शाकिब की फॉर्म और फिटनेस साथ देगी?
शाकिब अल हसन का अनुभव बांग्लादेशी टीम के लिए अनमोल है, लेकिन 39 की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट की फिटनेस बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। साथ ही, लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहने के कारण उनकी मैच प्रैक्टिस पर भी सवाल हैं। हबीबुल बशर का उन्हें लंबी अवधि के लिए वापस बुलाना यह दर्शाता है कि बांग्लादेशी क्रिकेट अभी भी अपने सबसे बड़े मैच विनर का विकल्प नहीं ढूंढ पाया है।
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