जनदृष्टि खेल विशेष: बांग्लादेश क्रिकेट में बड़ा उलटफेर; शाकिब अल हसन की वापसी की तैयारी, चयनकर्ताओं ने दिए संकेत

SONU YADUVANSHI
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जनदृष्टि खेल विशेष: बांग्लादेश क्रिकेट में बड़ा उलटफेर; शाकिब अल हसन की वापसी की तैयारी, चयनकर्ताओं ने दिए संकेत
ढाका: बांग्लादेश क्रिकेट में एक बार फिर बदलाव की बयार चल रही है। 2024 के छात्र आंदोलन और शेख हसीना सरकार के पतन के बाद देश छोड़ चुके दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन की नेशनल टीम में वापसी का रास्ता साफ होता दिख रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के नवनियुक्त मुख्य चयनकर्ता हबीबुल बशर ने संकेत दिए हैं कि वे शाकिब को न केवल एक सीरीज के लिए, बल्कि लंबी अवधि (Long-term) के लिए टीम में वापस चाहते हैं।


2027 वर्ल्ड कप पर नजर

मुख्य चयनकर्ता हबीबुल बशर के अनुसार, बोर्ड चाहता है कि 39 वर्षीय शाकिब अल हसन कम से कम अगले दो साल और खेलें। बशर ने स्पष्ट किया कि उनकी योजना शाकिब को 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक टीम का हिस्सा बनाए रखने की है। उन्होंने कहा, "शाकिब निश्चित रूप से हमारी योजनाओं में हैं। अगर हमें उनकी सेवाएं मिलती हैं, तो हम चाहेंगे कि वे लंबे समय तक टीम के साथ रहें।"


न्यूजीलैंड सीरीज में वापसी मुश्किल

हालांकि शाकिब की वापसी की चर्चा जोरों पर है, लेकिन 17 अप्रैल से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रही घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज में उनके खेलने की संभावना कम है। बशर ने इसके पीछे 'तैयारी की कमी' का हवाला दिया है। उन्होंने कहा, "शाकिब ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं जो कल आएं और परसों मैच खेल लें। उन्हें भी तैयारी की जरूरत है। यह भावनाओं का विषय नहीं है, बल्कि सही तैयारी का है।"


राजनीतिक निर्वासन और वापसी की चुनौती

याद दिला दें कि 2024 में अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद शाकिब अमेरिका चले गए थे। तत्कालीन अंतरिम सरकार ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन अब, बांग्लादेश में नई सरकार के गठन और क्रिकेट बोर्ड में हुए प्रशासनिक बदलावों के बाद, शाकिब के लिए दरवाजे फिर से खुल गए हैं।


शाकिब ने पहले अपनी अंतिम टेस्ट सीरीज घर में खेलने की इच्छा जताई थी, लेकिन अब बोर्ड उन्हें सिर्फ विदाई मैच नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देख रहा है।


जनदृष्टि विश्लेषण: क्या शाकिब की फॉर्म और फिटनेस साथ देगी?

शाकिब अल हसन का अनुभव बांग्लादेशी टीम के लिए अनमोल है, लेकिन 39 की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट की फिटनेस बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। साथ ही, लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहने के कारण उनकी मैच प्रैक्टिस पर भी सवाल हैं। हबीबुल बशर का उन्हें लंबी अवधि के लिए वापस बुलाना यह दर्शाता है कि बांग्लादेशी क्रिकेट अभी भी अपने सबसे बड़े मैच विनर का विकल्प नहीं ढूंढ पाया है।


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